मई महीने में आने वाले 'नौतपा' के 9 दिन भारत में भीषण गर्मी लाते हैं, जो पारंपरिक रूप से अच्छी बारिश का संकेत माने जाते हैं. हालांकि, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग ने इस समीकरण को बदल दिया है. वनों की कटाई, प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसें धरती का तापमान बढ़ा रही हैं, जिससे अल नीनो जैसे प्रभाव मानसून की भविष्यवाणी को अनिश्चित बना रहे हैं.
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