पन्ना में कुआं धंसा, 5 मजदूर दबे, 2 शव मिले:परिजन बोले- 3 घंटे हो गए, प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू नहीं किया, खुद जेसीबी मंगाकर हटा रहे मलबा
1 week ago
पन्ना जिले के अजयगढ़ जनपद से हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक खेत पर कुएं की खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई। इससे पांच मजदूर मलबे में दब गए। राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक तीन मजदूरों के शव बाहर निकाल लिए गए हैं, जबकि दो मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास जारी है। हादसा मंगलवार सुबह करीब 10 बजे बीहरपुरवा के नयापुरवा में हुआ। परिजनों का आरोप है कि हादसे को 3 घंटे से ज्यादा हो गए, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई बचाव कार्य शुरू नहीं किया गया है। ग्रामीण खुद जेसीबी मंगाकर मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। देखिए हादसे के बाद रेस्क्यू की तस्वीरें पानी पीने बाहर आए 2 मजदूर और पीछे से ढह गया कुआं जानकारी के मुताबिक, नयापुरवा निवासी बिन्नू अहिरवार के खेत पर लगभग 10 दिनों से सात मजदूर कुएं की खुदाई का काम कर रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे दो मजदूर पानी पीने के लिए कुएं से बाहर निकलकर ऊपर आए ही थे। उनके ऊपर पहुंचते ही कुएं की कमजोर और गीली मिट्टी अचानक भरभरा कर नीचे ढह गई। कुएं के भीतर गहराई में काम कर रहे पांच मजदूर मलबे के नीचे दब गए। पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची दबे मजदूरों में चुन्नू यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव, चुनवाद पाल सहित एक अन्य मजदूर शामिल हैं। ग्रामीणों ने बिना प्रशासन की मदद के मजदूर राजकुमार यादव और चुनवाद पाल के शव बाहर निकाल लिए हैं। सरपंच ने खतरनाक जानते हुए भी कराया काम मृतक मजदूर के परिजन ने रोते हुए बताया कि यह कुआं पिछले साल की खुदाई और पानी की वजह से पहले से ही कटा हुआ और खतरनाक था। कोई भी मजदूर वहां काम करने को तैयार नहीं था। आरोप है कि इसके बावजूद ग्राम प्रधान ने जबरन काम चालू रखा। 350 की जगह 500 रुपए दिहाड़ी का लालच परिजन का आरोप है कि सरपंच को पहले से ही पता था कि यहां जान का खतरा है। इसलिए उसने मजदूरों को बुलाने के लिए सामान्य मजदूरी (350 रुपए) से बढ़ाकर 500 रुपए दिहाड़ी का लालच दिया। गरीब मजदूर पैसों की मजबूरी में काम करने गए और हादसे का शिकार हो गए। तीन लोग एक ही परिवार के हादसे का शिकार हुए 3 लोग एक ही परिवार के हैं। युवक के मुताबिक, कुएं के मलबे में दबे 5 लोगों में उसके पिता, चाचा, चचेरा भाई और एक पाल (मजदूर/साथी) शामिल हैं। सरपंच फरार, सरकारी तंत्र नदारद परिजनों ने बताया कि सुबह 11 बजे से ही लोग दबे हुए हैं, लेकिन दोपहर 1 बजे तक सरकार की तरफ से कोई रेस्क्यू टीम नहीं पहुंची। केवल निजी तौर पर मंगवाई गई मशीनें ही काम कर रही हैं। युवक ने आरोप लगाया कि हादसा होते ही सरपंच मौके से भाग निकला। मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार हाथ जोड़कर और रोते हुए परिजन ने मुख्यमंत्री से न्याय की अपील की है। उसने कहा- यहां पूरी तरह से भ्रष्टाचार मचा हुआ है। हमारी आवाज मुख्यमंत्री जी तक पहुंचनी चाहिए, ताकि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और हमारे अपनों को निकाला जा सकें। फिलहाल, मौके से एक और शव चुनवाद पाल का निकाल लिया गया है।
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