Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    पेप्सिको 2030 तक भारत में ₹5,700 करोड़ निवेश करेगी:मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में नए प्लांट लगेंगे; फूड-स्नैक्स बिजनेस को बढ़ाने पर फोकस

    3 weeks ago

    1

    0

    फूड और बेवरेजेस सेक्टर की दिग्गज ग्लोबल कंपनी पेप्सिको साल 2030 तक भारत में ₹5,700 करोड़ का निवेश करेगी। कंपनी इस राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने फूड्स बिजनेस की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए करेगी। यह जानकारी पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया के सीईओ (CEO) जागृत कोटेचा ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान दी। पेप्सिको के लिए भारत दुनिया के टॉप 13 मार्केट्स में शामिल है, जिसके चलते कंपनी यहां लगातार अपने कदम बढ़ा रही है। मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में प्लांट लगेंगे सीईओ जागृत कोटेचा ने बताया कि साल 2025 से 2030 के बीच निवेश की जाने वाली यह ₹5,700 करोड़ की रकम मुख्य रूप से देश के तीन राज्यों मध्य प्रदेश, असम और तमिलनाडु में लगाई जाएगी। इस फंड का एक बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश में बन रहे कंसंट्रेट्स प्लांट और असम व तमिलनाडु में स्थापित होने वाले स्नैक्स प्लांट्स पर खर्च किया जा रहा है। अगले कुछ महीनों में शुरू हो जाएंगे दो बड़े प्लांट कंपनी के विस्तार की योजनाएं बहुत तेजी से जमीन पर उतर रही हैं। सीईओ कोटेचा के मुताबिक, इनमें से कुछ प्रोजेक्ट्स अगले कुछ महीनों में ही लाइव (शुरू) होने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश का कंसंट्रेट्स प्लांट और पूर्वोत्तर के राज्य असम का प्लांट अगले कुछ महीनों में पूरी तरह से कामकाज शुरू कर देगा। इसके अलावा, कंपनी ने दक्षिण भारत में भी स्नैक्स बिजनेस का एक बड़ा फुटप्रिंट तैयार करने की तैयारी कर ली है। साउथ इंडिया में स्नैक्स का बड़ा मार्केट बनाएगी पेप्सिको ने दक्षिण भारत के बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के लिए तमिलनाडु में कदम आगे बढ़ाए हैं। कोटेचा ने बताया कि कंपनी ने हाल ही में तमिलनाडु में जमीन की खरीदारी पूरी की है। इस जमीन पर एक बड़ा स्नैक्स प्लांट लगाया जाएगा, जो कंपनी को दक्षिण भारत के बाजार में अपना दायरा बड़े स्तर पर फैलाने में मदद करेगा। भारत को क्यों चुना: बढ़ती इनकम और राजनीतिक स्थिरता भारत में निवेश के कारणों को स्पष्ट करते हुए जागृत कोटेचा ने कहा कि पेप्सिको भारत को असीम संभावनाओं वाले एक मजबूत बाजार के रूप में देखती है, क्योंकि यहां अभी भी ग्रोथ के बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने इसके लिए देश में लोगों की लगातार बढ़ रही इनकम (आय) और भारत की राजनीतिक व आर्थिक स्थिरता को सबसे बड़ी वजह बताया। एक स्थिर देश होने के कारण यहां विदेशी निवेश का रास्ता बहुत आसान हो जाता है। कंपनी को लगातार दूसरे साल मिली डबल डिजिट ग्रोथ साल 2025 में कंपनी के प्रदर्शन पर बात करते हुए सीईओ ने कहा कि लगातार दूसरे साल पेप्सिको ने भारतीय बाजार में मजबूत डबल डिजिट (दहाई अंक) ग्रोथ हासिल की है। दिसंबर 2025 को समाप्त हुए 12 महीनों के आंकड़ों के अनुसार, पेप्सिको इंडिया ने ₹9,789 करोड़ के कुल रेवेन्यू के साथ ₹905 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। फूड सेगमेंट 11% बढ़ा, लेकिन बेवरेजेस में चुनौतियों पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया की सीएफओ (CFO) सविता बालचंद्रन ने वित्तीय नतीजों पर अधिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि साल 2025 के दौरान कंपनी के बिजनेस में फूड सेगमेंट का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा और इसने करीब 11% की बेहद मजबूत ग्रोथ दर्ज की है। हालांकि, दूसरी तरफ बेवरेजेस सेगमेंट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सीएफओ बालचंद्रन ने कहा कि खराब मौसम के कारण पेय पदार्थों के बाजार में कुछ सुस्ती का असर देखा गया। इसके साथ ही इस दौरान बाजार में कॉम्पिटिशन भी काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि कंपनी के दोनों ही सेग्मेंट्स ने कुल मिलाकर काफी मजबूत और बेहतर प्रदर्शन किया। बैलेंस शीट मजबूत, लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट पर फोकस कंपनी ने साल 2025 के इसी मजबूत मोमेंटम के साथ नए साल 2026 में प्रवेश किया है। सीएफओ सविता बालचंद्रन के अनुसार, वर्तमान में कंपनी की बैलेंस शीट काफी मजबूत और हेल्दी नजर आ रही है। पेप्सिको के बुक्स पर इस समय ₹1,600 करोड़ से ज्यादा का भारी कैश मौजूद है। भविष्य की योजनाओं को लेकर उन्होंने कहा कि कंपनी फाइनेंशियल डिसिप्लिन को पूरी तरह से बनाए रखेगी, ताकि ग्रोथ की क्वालिटी और इसकी रफ्तार पर कोई असर न पड़े। कंपनी का पूरा ध्यान अब लॉन्ग-टर्म के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लगातार इन्वेस्टमेंट करने पर फोकस रहेगा। क्या होता है कंसंट्रेट्स प्लांट? कोल्ड ड्रिंक्स या अन्य बेवरेजेस बनाने के लिए सबसे पहले एक खास मुख्य लिक्विड फॉर्मूला तैयार किया जाता है, जिसे 'कंसंट्रेट' कहते हैं। कंसंट्रेट प्लांट में इसी मुख्य फॉर्मूले को पूरी शुद्धता और सीक्रेट रेसिपी के साथ बनाया जाता है। बाद में इसे देश के अलग-अलग बॉटलिंग प्लांट्स में भेजा जाता है, जहां इसमें पानी, चीनी और गैस (सोडा) मिलाकर फाइनल ड्रिंक तैयार की जाती है। क्या होता है बैलेंस शीट में कैश ऑन बुक्स? इसका सीधा मतलब होता है कि किसी कंपनी के पास वर्तमान में बैंक खातों या लिक्विड फंड्स के रूप में कितनी नकदी (कैश) तुरंत उपलब्ध है। जिस कंपनी के पास जितना ज्यादा कैश ऑन बुक्स होता है, उसकी वित्तीय स्थिति उतनी ही मजबूत मानी जाती है क्योंकि वह बिना किसी कर्ज के नए प्रोजेक्ट्स में तुरंत पैसा लगा सकती है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    'Economic storm is coming': Rahul Gandhi warns impending crisis, targets PM Modi over policies
    Next Article
    WhatsApp Status देखने की सीक्रेट ट्रिक: लिस्ट में नहीं आएगा नाम, ये हैं 2 तरीके

    Related व्यापार Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment