'राम को काल्पनिक' कहने पर राहुल के खिलाफ दोबारा सुनवाई:कोर्ट ने एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला रद्द किया, कहा- याचिका पर दोबारा सुनवाई करें
4 hours ago
भगवान राम को काल्पनिक कहने पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग वाली याचिका पर फिर से वाराणसी कोर्ट में सुनवाई होगी। MP-MLA की सीनियर कोर्ट ने बुधवार को लोअर कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। ADJ यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने केस को वापस लोअर कोर्ट भेजते हुए नए सिरे से सुनवाई करने के आदेश दिए हैं। पिछले साल एडवोकेट हरिशंकर पांडेय ने 12 मई को याचिका दायर की थी। दावा किया था कि राहुल गांधी ने अमेरिका के बोस्टन में भगवान राम को ‘पौराणिक’ बताया था। 10 जून 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (MP-MLA) कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। इस आदेश के खिलाफ हरिशंकर पांडेय ने 26 सितंबर को जिला जज की कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। दावा- 21 अप्रैल को ब्राउन यूनिवर्सिटी में राम को काल्पनिक कहा था एडवोकेट हरिशंकर पांडेय ने याचिका में दावा किया था कि राहुल गांधी 21, अप्रैल, 2025 को अमेरिका के बोस्टन गए थे। यहां पर ब्राउन यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के साथ उनका एक सेशन था। यहां राहुल ने भगवान श्रीराम को लेकर विवादित बयान दिए थे। उन्होंने भगवान राम को 'पौराणिक' बताया था। साथ ही उस युग पर बताई जाने वाली कहानियों को काल्पनिक कहा था। हरिशंकर पांडेय ने दाखिल परिवाद में आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार सनातन धर्म के पूर्व अवतारों और महान प्रतीकों पर अनाप-शनाप बयान देकर हिंदुओं को अपमानित कर रही। कोर्ट में याचिकाकर्ता की मेंटेनिबिलिटी (मानसिकता) पर पहले बहस होगी इसके बाद तय होगा कि राहुल गांधी के खिलाफ केस चलाया जाए या नहीं। राहुल ने कहा था- BJP का दृष्टिकोण नफरत फैलाने वाला राहुल गांधी से पूछा गया था कि हिंदू राष्ट्रवाद के दौर में धर्मनिरपेक्ष राजनीति कैसी होनी चाहिए? क्या महात्मा गांधी के विचारों को इसके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है? जवाब में राहुल गांधी ने कहा था- भारत के सभी महान सुधारक और विचारक, जैसे बुद्ध, गुरु नानक, गांधी और अंबेडकर बिना भेदभाव के रहे। ये लोग क्षमाशील, दयालु और सहिष्णु थे। लेकिन, भाजपा का दृष्टिकोण हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्व नहीं, नफरत फैलाने वाला है। ---------------- राहुल गांधी से जुड़ी हुई ये खबर भी पढ़ें- राहुल बोले- 18 साल का सार्थक CBI से तेज निकला:CBSE के OSM पोर्टल की गड़बड़ी उजागर की, ये नौजवानों की जीत कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को CBSE स्टूडेंट सार्थक सिद्धांत से मुलाकात का 8.15 मिनट का वीडियो अपने X अकाउंट पर शेयर किया। दोनों की मुलाकात 2 जून को दिल्ली में हुई थी। 18 साल के सार्थक सिद्धांत ने CBSE की 12वीं क्लास के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली और OSM का काम करने वाली कंपनी COEMPT से जुड़ी टेंडर प्रोसेस में गड़बड़ी का खुलासा किया है। पढ़ें पूरी खबर
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