शुरुआती लापरवाही से जलीं रोहतक की 10 दुकानें:5 चीजों से आग पूरी मार्केट में फैली, दुकानदार बोले- सालों की मेहनत मिनटों में खत्म
7 hours ago
रोहतक के डी-पार्क स्थित दुकानों में लगी आग तीन लोगों की मौत का कारण बनी। एसी का कंप्रेसर फटना सिर्फ शुरुआत थी, लेकिन उसके बाद जो सिलसिला चला उसने 10 से ज्यादा दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। सवाल सिर्फ आग लगने का नहीं, बल्कि यह है कि शुरुआती कुछ मिनटों में हुई चूकों ने इसे इतना विकराल कैसे बना दिया। फायर ब्रिगेड की देरी, एक्सपायर फायर एक्सटिंग्विशर, बंद शटर में फंसी जिंदगी, जलते वाहनों से मिला पेट्रोल का ईंधन और दुकानों में रखा ज्वलनशील स्टॉक- इन वजहों ने मिलकर आग को बेकाबू कर दिया। नतीजा यह हुआ कि राहत और बचाव शुरू होने से पहले ही आग एक दुकान से निकलकर पूरे मार्केट को निगलने लगी। अब जब आग ठंडी हो चुकी है, तो पीछे बचा है सिर्फ सन्नाटा, राख और दर्द। प्रभावित दुकानदारों की आंखों में वही सवाल है- अगर वक्त पर सिस्टम सक्रिय होता, अगर शुरुआती बचाव काम कर जाता, तो क्या आज सब कुछ यूं खाक में बदल चुका होता? दुकानदारों के मुताबिक, नुकसान सिर्फ दुकानों का नहीं हुआ, बल्कि सालों की मेहनत कुछ ही घंटों में खत्म हो गई। सिलसिलेवार ढंग से आग बढ़ने के पांचों कारण जानिए…. 1. फायर ब्रिगेड के पहुंचने में देरी, आग को मिला फैलने का समय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के कुछ ही मिनटों में लपटें पूरे शोरूम में फैलने लगी थीं। आरोप है कि शुरुआती समय में फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंच पाई। आग पर पहले आधे घंटे में काबू नहीं पाया जा सका, जिससे वह शोरूम से निकलकर आसपास की दुकानों तक पहुंच गई। जितनी देर राहत कार्य में लगी, आग उतनी ही विकराल होती चली गई। 2. फायर एक्सटिंग्विशर नहीं चले, शुरुआती बचाव का मौका गंवाया दुकान में मौजूद लोगों ने आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन वे प्रभावी तरीके से काम नहीं कर पाए। ये दो साल पहले ही एक्सपायर हो चुके थे। यदि शुरुआती मिनटों में आग पर नियंत्रण पा लिया जाता तो लपटों को फैलने से रोका जा सकता था। आग लगने के बाद का सबसे महत्वपूर्ण समय यही होता है, लेकिन वहीं सबसे बड़ी चूक सामने आई। 3. शटर गिरा, अंदर फंसे लोग नहीं निकल पाए हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि आग के बीच रोहतक शूज शोरूम का शटर नीचे आ गया। कर्मचारी अमन और कपिल बाहर निकलने का रास्ता नहीं ढूंढ़ पाए। धुआं तेजी से भरता गया और बचाव का समय लगातार कम होता गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अगर बाहर निकलने का रास्ता खुला रहता तो जान बचने की संभावना कहीं अधिक हो सकती थी। 4. बाइकें जलने से पेट्रोल बना आग का ईंधन आग जब शोरूम से बाहर निकली तो आसपास खड़ी 11 बाइक-स्कूटी भी इसकी चपेट में आ गईं। बाइकों की टंकियों में मौजूद पेट्रोल ने आग को और भड़का दिया। एक के बाद एक वाहन जलने लगे और आग की तीव्रता बढ़ती चली गई। इससे न केवल तापमान बढ़ा, बल्कि आग बुझाने का काम भी बेहद मुश्किल हो गया। 5. रबर और कपड़े का भारी स्टॉक बना सबसे बड़ी चुनौती दुकानों में बड़ी मात्रा में रबर और कपड़े के जूते समेत अन्य सामान रखा हुआ था। ये सभी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री मानी जाती हैं। आग लगने के बाद रबर और कपड़ा लगातार जलते रहे, जिससे धुआं भी अधिक बना और तापमान भी बढ़ता गया। यही वजह रही कि आग पर पूरी तरह काबू पाने और कूलिंग ऑपरेशन में कई घंटे लग गए। अब जानिए उन दुकानदारों ने क्या कहा, जिनकी दुकानें जलीं… शटर बंद करने के बाद भी नहीं बचा सामान कैलाश बूट हाउस के मालिक पीयूष ने बताया कि उनकी मॉडल टाउन में पिछले 50 साल से दुकान है। रोहतक शूज शोरूम के चौथे फ्लोर पर एसी का कंप्रेसर फटने के बाद आग उनकी दुकान तक पहुंच गई। उस समय वह और उनके कर्मचारी दुकान पर मौजूद थे। उन्होंने शटर बंद करने की कोशिश की, लेकिन आग फिर भी अंदर तक फैल गई। दुकान में रखा सामान पूरी तरह जल गया। दुकान का एक गेट पिछली गली की तरफ था, जिससे वह और उनके कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल गए। हवा ने बढ़ाया नुकसान, एक कर्मचारी की बाइक भी जली शू प्लाजा के मालिक राजेश जुनेजा ने बताया कि आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई और हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। वह अपने कर्मचारियों के साथ तुरंत बाहर निकल आए। इस दौरान उनके एक कर्मचारी की बाइक भी जल गई। उन्होंने कहा कि अगर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर पहुंच जातीं तो नुकसान कम हो सकता था, लेकिन मौके पर पहुंची एक गाड़ी भी बीच में खराब हो गई। ऊपर से गिरती आग के कारण कर्मचारी नहीं निकल सके फुट लुक वियर के मालिक रविंद्र यादव ने बताया कि आग ने उन्हें कुछ भी सोचने का मौका नहीं दिया और पूरी मार्केट देखते ही देखते तहस-नहस हो गई। उस समय उनकी प्राथमिकता सिर्फ जान बचाना था। ऊपर से गिरती आग के कारण अमन, कपिल और सौरभ दुकान से बाहर नहीं निकल पाए। उन्होंने सरकार से मदद की मांग करते हुए कहा कि इसी दुकान से उनका परिवार चलता था। अचानक लगी आग से लाखों का नुकसान, मुआवजे की मांग शिव जनरल स्टोर के मालिक जगदीश चंद्र ने बताया कि सब कुछ अचानक हुआ। उस समय दुकान में वह और एक सेल्समैन मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि शटर बंद करने का भी समय नहीं मिला। दुकान के पीछे उनका घर भी है, जिसे नुकसान पहुंचा है। उन्होंने करीब 25 से 30 लाख रुपए के नुकसान की बात कही और सरकार से मुआवजे की मांग की ताकि वह दोबारा अपना कारोबार शुरू कर सकें। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- बेटी का जन्मदिन, फैक्ट्री का सपना और 20 साल नौकरी:रोहतक में 7 घंटे बाद कंकाल बनकर निकले शोरूम मालिक-दो वर्कर; आग लगते शटर गिरा रोहतक की डी-पार्क मार्केट में मंगलवार को लगी आग ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। किसी ने तीन दिन पहले ही अपनी बेटी का जन्मदिन मनाया था, कोई अपने भाई के साथ शू फैक्ट्री शुरू करने का सपना देख रहा था, तो कोई पिछले 20 वर्षों से एक ही शोरूम में नौकरी कर परिवार का सहारा बना हुआ था। पढ़ें पूरी खबर…
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