Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    बिखरी जानकारियों से आईटी कंपनियां तलाश रहीं नए मौके:कॉग्निजेंट ने कर्मियों के ईमेल-चैट से हासिल किया 1,900 करोड़ का बिजनेस; एआई ने की मदद

    2 hours ago

    1

    0

    आईटी कंपनी कॉग्निजेंट ने एक अनोखा एआई सिस्टम तैयार किया है। यह कर्मचारियों के ईमेल, मीटिंग और चैट्स के विश्लेषण से कमाई के नए रास्ते खोज रहा है। कंपनी ने ‘कॉन्टेक्स्ट इंजीनियरिंग’ तकनीक के जरिए अब तक करीब 1,900 करोड़ की नई सेल्स पाइपलाइन तैयार की है। सीईओ रवि कुमार का कहना है कि कंपनी 2026 के आखिर तक यह आंकड़ा 9,500 करोड़ तक पहुंचाएगी। यह एआई सिस्टम सेल्स, डिलीवरी और सपोर्ट विभागों में कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों (क्लाइंट्स) के साथ की गई बातचीत के संकेतों को पकड़ता है। यह उन कारोबारी मौकों को पहचान लेता है जो पारंपरिक तरीकों से नजर नहीं आते हैं। जाहिर है, अब कर्मचारियों के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके हर ईमेल और चैट पर अब कंपनी की नजर है। एआई की मदद से इस डेटा का इस्तेमाल नए ग्राहक खोजने और मुनाफा बढ़ाने में हो सकता है। यह टेक्नोलॉजी वर्कफोर्स में बिखरी जानकारियों को जोड़कर नए बिजनेस में बदल रही है। इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए कॉग्निजेंट ने रोहन मूर्ति के स्टार्टअप ‘वर्कफैब्रिक’ के साथ साझेदारी की है। रोहन आईटी कंपनी इन्फोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति के बेटे हैं। कॉग्निजेंट में अब किसी कर्मचारी को नया काम बायोडाटा के बजाय उसके अनुभव के आधार पर मिलेगा। आईटी सेक्टर में अब केवल उत्पादकता बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि आय के अवसर तलाशे जा रहे हैं। मेटा जैसी कंपनियां भी कर्मचारियों के माउस क्लिक और कीस्ट्रोक्स को ट्रैक करके एआई एजेंट्स को प्रशिक्षित कर रही हैं। कॉग्निजेंट ने अपनी नई तकनीक का इस्तेमाल कर्मचारियों को नए प्रोजेक्ट्स पर तैनात करने के लिए भी शुरू कर दिया है। टेंडर से पहले ही मिल रहा नया बिजनेस, ग्राहकों के बजट पर भी एआई के जरिये नजर - नया एआई सिस्टम वैश्विक स्तर पर प्रोजेक्ट्स में आने वाले जोखिमों को पहले ही भांप लेता है। यह नुकसान होने या समस्या बढ़ने से पहले ही विशेषज्ञों और जरूरी बातचीत के सुझाव देता है। इससे क्लाइंट्स द्वारा बाजार में टेंडर निकालने से पहले ही कॉग्निजेंट को सीधे नया बिजनेस मिल रहा है। - एआई सिस्टम हर क्लाइंट अकाउंट वर्चुअल मॉडल बनाता है जो सेल्स, फाइनेंस जैसे विभागों के संकेतों को जोड़ता है। एक मौके पर सिस्टम ने पकड़ा कि एक क्लाइंट इंजीनियरिंग खर्च 15% घटाने के दबाव में था। एआई ने सेल्स टीम को क्वालिटी एश्योरेंस सुधारने का प्रस्ताव भेजने की सलाह दे दी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Virat skips photos as daughter Vamika waits in the car sans Anushka
    Next Article
    साउथ अफ्रीका में बिक रही Kia Sonet को मिला सिर्फ 1-स्टार! ग्लोबल NCAP टेस्ट में खुलासा

    Related व्यापार Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment