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    Indian Legal Rights: पुलिस का आए फोन तो घबराएं नहीं, जानें आपके अधिकार और थाने जाने से पहले की कानूनी तैयारी

    4 weeks ago

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    Police Station Rights: अक्सर हमारे देश में पुलिस का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में डर की भावना पैदा हो जाती है. पुलिस को दूर से ही देख लोग डर के मारे भागना शुरू कर देते हैं. अगर अचानक से पुलिस आपको फोन करके थाने में बुलाती है तो ज्यादा घबराने की बात नहीं है. अगर आप अपने दिमाग में इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आपको कभी भी पुलिस के बुलाए जाने पर डर नहीं लगेगा. हांलाकि, भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता कानून के मुताबिक, पुलिस कभी भी किसी को अपनी मर्जी से नहीं बुलाती है. अगर किसी को बुलाना है तो एक तय नियम होते हैं, जिसके जरिए पुलिस किसी नागरिक को थाने में बुलाती है. उन तमाम नियमों का पुलिस को सख्ती से पालन भी करना होता है. क्या कहता है देश का कानून? हमारे देश का कानून साफ-साफ शब्दों में कहता है कि बिनी किसी ठोस या फिर लिखित नोटिस के आप किसी भी नागरिक को जबरदस्ती पुलिस थाने में नहीं बुला सकते हैं. इसके साथ ही कानून का यह भी कहना है कि हर नागरिक का फर्ज होना चाहिए कि वह देश के कानून के बारे में न सिर्फ सही जानकारी रखे बल्कि जागरूकता की वजह से किसी भी तरह के मानसिक दबाव से अपने आप को पूरी तरह से बचा सकें. क्या रिटायरमेंट के बाद भी लगता है इनकम टैक्स, छूट के क्या हैं नियम? इनकम का ऐसे करें हिसाब पुलिस के बुलाने पर क्या करें? अगर आपको पुलिस थाने में किसी कारणवर्श बुलाया जाता है तो आपको इन बातों पर ध्यान देने की सबसे ज्यादा जरूरत है. घबराने की बदाय आपको शांत दिमाग से सोचने की आवश्यकता है. सबसे पहले आप फोनकॉल पर पुलिसकर्मी से यू पूछें कि क्या आपको किसी गवाह के रूप में बुलाया जा रहा है या फिर किसी के आरोपी के तौर पर. तो वहीं, दूसरी तरफ सीआरपीसी की धारा 160 के तहत किसी भी नागरिक को थाने में बुलाने के लिए पुलिस को लिखित में नोटिस देना बेहद ही जरूरी होता है. फोन कॉल को कानूनी रूप से महत्वपूर्ण नहीं माना जाता है. अगर पुलिस द्वारा आपको किसी भी तरह का नोटिस भेजा जाता है तो इस बात का खास ध्यान रखें कि भेजे गए नोटिस पर केस नंबर के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर पूरी तरह से मौजूद हों. पूछताछ के दौरान इन बातों का रखें ध्यान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 20(3) के तहत के अनुसार, पूछताछ के दौरान आपको खुद के खिलाफ गवाही देने के लिए पुलिस आपको किसी भी तरह से मजबूर नहीं कर सकती है. इसके अलावा, किसी भी लिखित बयान पर तबतक हस्ताक्षर न करें जबतक आप उस बयान को सही तरह और पूरा पढ़ नहीं लेते हैं. घबराने की बजाय, पुलिस अधिकारियों के साथ पूछताछ के दौरान सहयोग करें, किसी तरह का दुर्व्यवहार होने पर उच्च अधिकारियों से मामले में शिकायत जरूर करें. LPG गैस: OTP-DAC का नया खेल, कनेक्शन कटने के डर में न फंसे, जालसाज ऐसे लगा रहे हैं चूना आप कानूनी मदद को कैसे कर सकते हैं हासिल? एक बात का हमेशा ध्यान रखें कि थाने जाने से पहले हमेशा अपने वकील से जरूर बात करें ताकि आप किसी तरह के कानूनी प्रक्रिया को समझने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. बिना नोटिस द्वारा दबाव बनाने पर अपने इलाके के संबंधित डीसीपी के साथ-साथ एसपी को लिखित में मामले की शिकायत जरूर दें. लेकिन, अगर आपके पास वकील नहीं है तो आप बिना किसी परेशानी के जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण से मुफ्त में कानूनी मदद मांग सकते हैं.
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