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    Iran-US War: 'अमेरिका से हुई जंग में जीता ईरान, 47 साल में पहली बार हुआ ऐसा', खामेनेई के करीबी ने ट्रंप के सामने रखी ये शर्त

    14 hours ago

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    ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि तेहरान अमेरिका के साथ हाल की लड़ाई को अपने 47 साल के इतिहास में पहली सैन्य जीत मानता है. उन्होंने कहा कि इस नतीजे ने अमेरिका के साथ शांति बातचीत में ईरान की स्थिति को बदल दिया है और डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक तरह की परीक्षा भी पेश की है. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुज्बता खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेज़ाई ने CNN से बातचीत में कहा, 'यह पहली बार है जब ईरान ने लड़ाई में जीत हासिल की है, जबकि इससे पहले वह हमेशा हारता रहा है.' मोहसेन रेज़ाई का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत फिलहाल रुकी हुई है और एक कमजोर सीज़फायर के कारण हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि अंतिम शांति समझौता अमेरिकी सरकार द्वारा ईरान के फ्रीज फंड में से 24 अरब डॉलर जारी करने पर निर्भर है. ये भी पढ़ें: ईरान के सुप्रीम लीडर ने 2,000 से ज्यादा कैदियों को क्यों दी माफी? जानें किन अपराधों में हुए थे गिरफ्तार ईरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा ईरान चाहता है कि अंतरिम समझौते के बाद पहले चरण में 12 अरब डॉलर और दूसरे चरण में 12 अरब डॉलर जारी किए जाएं. रेज़ाई का कहना है कि इस पैसे को जारी करना यह साबित करेगा कि अमेरिका समझौते के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, 'अब फैसला ट्रंप के हाथ में है.' रेज़ाई ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका के साथ फिर से युद्ध होता है तो ईरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा और संघर्ष और बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि युद्ध का असर फारस की खाड़ी से लेकर लाल सागर और भूमध्य सागर तक फैल सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध की संभावना कम है. मोज्तबा खामेनेई और डोनाल्ड ट्रंप के बीच मुलाकात रेज़ाई ने साफ किया कि मुज्बता खामेनेई और डोनाल्ड ट्रंप के बीच कोई सीधी मुलाकात नहीं होगी. साथ ही ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ओमान के साथ मिलकर प्रबंधन करने की बात भी कही है. ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका पहले भी समझौतों से पीछे हट चुका है, इसलिए भविष्य की किसी न्यूक्लियर डील पर भरोसा करना आसान नहीं है. ये भी पढ़ें: दुनिया में भारत का वर्चस्व, चीन बड़ा खिलाड़ी, पुतिन ने ट्रंप को चेताया- तेल की कीमतें बढ़ी तो US की बादशाहत...
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