September 21 Movie Review: रिश्तों की अहमियत को अच्छे से समझना हो तो देखें 'सितंबर 21'
3 weeks ago
September 21 Movie Review: इंसानी रिश्तों की मुश्किलें, समय का बदलता दौर और यादों के धुंध में खोए अपनों का दर्द... इन टॉपिक को सिनेमा की दुनिया में दिखाना हमेशा से मुश्किल रहा है. अक्सर, ऐसी कहानियां मेनस्ट्रीम बॉक्स ऑफिस के प्रेशर में बहुत ज्यादा ड्रामैटिक या मेलोड्रामैटिक हो जाती हैं. लेकिन, डायरेक्टर करेन क्षिति सुवर्णा की फिल्म 'सितंबर 21' इस कड़वे और सेंसिटिव अनुभव को पूरी ईमानदारी और सच्चाई के साथ दिखाती है. यह फिल्म हाई-ऑक्टेन एक्शन, तेज-तर्रार घटनाओं या जोरदार डायलॉग पर नहीं टिकी है, बल्कि अपने शांत पलों, गहरी खामोशी और किरदारों के आपसी जुड़ाव से दर्शकों के दिल को छू जाती है. अल्जाइमर जैसी गंभीर और दर्दनाक बीमारी के इर्द-गिर्द बुनी गई यह कहानी किसी कमर्शियल फॉर्मूले पर नहीं चलती, बल्कि एक बहुत ही बैलेंस्ड, मैच्योर और इंसानी नजरिया पेश करती है, जो इसे इमोशनली एक दमदार और अनोखी सिनेमाई मास्टरपीस बनाती है.
Click here to Read more
.png)
.jpeg)