कब्र साफ कर लाखों रुपए कमा रही 17 साल की ये लड़की, अनोखे बिजनेस के लिए छोड़ दी पढ़ाई
3 weeks ago
Unique Business Idea: आज के टाइम में नौकरी मिलना काफी मुश्किल हो गया है, जिसके चलते युवा अपनी पढ़ाई के खर्च के लिए पार्ट-टाइम नौकरी या छोटे काम ढूंढते हैं, वहीं एक 17 साल की लड़की ने एक ऐसा अनोखा रास्ता चुना है, जिसे सुनकर कोई भी चौंक जाएगा. लड़की ने अपनी नर्सिंग की पढ़ाई के खर्च के लिए एक अनोखा और अलग तरह का बिजनेस शुरू किया है. साउथ अफ्रीका की सुलांद्री कोत्ज़े की कहानी हम बात कर रहे हैं अफ्रीका के फ्री स्टेट की रहने वाली सुलांद्री कोत्जे की, जिसने यूनिवर्सिटी की फीस भरने के लिए कब्रिस्तान में पुरानी और लावारिस कब्रों की सफाई और मरम्मत का काम शुरू किया. चौंकाने वाली बात तो यह है कि धीरे-धीरे यह काम उसका फुल-टाइम बिजनेस बन गया. सुलांद्री प्रोफेशनल नर्स बनना चाहती हैं. करीब दो साल पहले उसने देखा कि कई कब्रिस्तान खराब हालत में हैं, जहां घास और गंदगी के चलते कब्रों पर लिखे नाम भी दिखाई नहीं देते थे. सुलांद्री को लगा कि जिन लोगों की मौत हो चुकी है, उनकी कब्रों को सम्मान और देखभाल मिलना चाहिए. 15 जून से पहले न भरें इनकम टैक्स रिटर्न, जानें क्यों बढ़ सकती हैं आपकी मुश्किलें कैसे शुरू हुआ बिजनेस? बता दें कि इस विचार के बाद सुलांद्री के माता-पिता डिर्क और एंड्री ने फेसबुक पर इस सर्विस का प्रचार किया. सबसे खास बात तो यह है कि केवल एक महीने के अंदर ही उन्हें कब्रों की सफाई के 5 बड़े ऑर्डर मिल गए. अगर आज की बात करें तो सुलांद्री करीब 75 कब्रों की देखरेख करती है, जिनकी महीने में दो बार सफाई की जाती है. पूरा परिवार करता है मदद ये काम सिर्फ सुलांद्री ही नहीं करती हैं, बल्कि इस काम में उनका पूरी परिवार शामिल है. सुलांद्री के पिता डिर्क इस बिजनेस के मैनेजर हैं और सारा सामान वहीं लाते हैं. साथ ही मां एंड्री अकाउंट्स और बिल को संभालती हैं. सिर्फ यहीं नहीं, बल्कि दादी ग्लौडी और बॉयफ्रेंड पीटर प्रिंसलू भी वीकेंड पर उनकी मदद करते हैं. मतलब साफ है कि इस काम में सुलांद्री की मदद पूरा परिवार करता है. आखिर कैसे काम करता है यह बिजनेस? बात करें बिजनेस की तो कब्र की सफाई की फीस उसके आकार और हालत के हिसाब से तय की जाती है. काफी बार कई ग्राहक कब्र पर नया सीमेंट या फिर कंकड़ भी लगवाते हैं. ये काम सबसे ज्यादा उन लोगों के लिए मददगार साबित हुआ है, जो दूर रहते हैं और अपने परिजनों के कब्र की सही से देखरेख नहीं कर पात हैं. घर खरीदने से पहले समझ लें बिल्डर्स का ये खेल, नहीं तो डूब जाएगी सालों की गाढ़ी कमाई सुलांद्री हर सफाई के बाद कब्रों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर अपने ग्राहकों को भेजती है, जिसे देखकर ग्राहकों को काफी अच्छा महसूस होता है. काफी बार तो कब्र ढूंढना भी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि कई ग्राहक पुरानी यादों के आधार पर जानकारी देते हैं. परिवार को मिला अपना इतिहास इस काम के दौरान एक दिलचस्प घटना भी हुई. सुलांद्री की मां एंड्री को एक कब्र मिली जिस पर उनके परदादा का नाम था. जब जांच की गई तो पता चला कि यह कब्र 1889 में जन्मे और 1971 में निधन हुए उनके परदादा की थी, जिनका नाम एंड्रीज डी नेकर था. अब परिवार इस कब्र की भी देखरेख करता है.
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