नामांकन रद्द होने के खिलाफ मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज:सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बोलीं- पहले वोट चोरी होती थी, इस बार सीट चोरी हुई
12 hours ago
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले पर दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा- नामांकन खारिज होने जैसे चुनावी मामलों में आम तौर पर कोर्ट बीच में दखल नहीं देता, क्योंकि संविधान के Article 329(b) (अनुच्छेद 329(बी) - चुनाव प्रक्रिया में अदालत के हस्तक्षेप पर रोक) के तहत ऐसे विवादों का समाधान चुनाव के बाद चुनाव याचिका के जरिए किया जाता है। कोर्ट ने यह तर्क नहीं माना कि अगर नामांकन खारिज करना “गलत या मनमाना” हो तो भी सुप्रीम कोर्ट तुरंत हस्तक्षेप करे। अदालत ने कहा- अगर ऐसा रास्ता खोला गया तो हर चुनाव मामले में अलग-अलग जांच करनी पड़ेगी, जो संविधान के खिलाफ होगा। इसलिए कोर्ट ने कहा कि इस मामले में Article 32 (अनुच्छेद 32 - सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार) के तहत सुनवाई नहीं हो सकती। इसी के साथ कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और कहा कि उम्मीदवार चाहे तो बाद में चुनाव याचिका दाखिल कर सकता है। उसका अधिकार सुरक्षित रहेगा। मीनाक्षी ने कहा था- चुनाव लड़ने दिया जाए इससे पहले सुनवाई के दौरान मीनाक्षी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था, 'रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें शुरुआती चरण में ही बाहर कर दिया है। उन्हें चुनाव लड़ने दिया जाए, अगर उन्हें वोट नहीं मिलते हैं तो वे हार जाएंगी, यही लोकतंत्र की प्रक्रिया है।' बता दें कि MP की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या बल भी था, लेकिन 9 जून को उनका नामांकन फॉर्म निरस्त कर दिया गया। भाजपा ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी ने अपने खिलाफ दर्ज एक केस की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी। इस आपत्ति को स्वीकार करते हुए रिटर्निंग अधिकारी अरविंद शर्मा ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया था। इससे पहले गुरुवार को मध्य प्रदेश की तीनों सीटों पर भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवारों रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट ने निर्विरोध जीत दर्ज की। मामले के मिनट टु मिनट के अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से जरूर गुजर जाइए…
Click here to Read more

