WFH vs Office: घर या ऑफिस, कहां काम करना ज्यादा बेहतर? सर्वे में सामने आया बड़ा खुलासा
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Work From Home Vs office: करोना महामारी के समय ज्यादातर कंपनियों ने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी थी. हालांकि आज के समय में काम करने का तरीका पूरी तरह नहीं बदला है, क्योंकि अब कई कंपनियां हाइब्रिड मॉडल अपना रही हैं, जिसमें कर्मचारी घर और ऑफिस दोनों जगह से काम कर सकते हैं. कौन है ज्यादा बेहतर? इसी बीच एक सर्वे में काम करने के इस तरीके को लेकर दिलचस्प बात सामने आई है. गुरुग्राम की सीबीआरई कंपनी द्वारा किए गए सर्वे के मुताबिक ऑफिस में बैठकर काम करने वाले कर्मचारियों की परफॉर्मेंस ज्यादा बेहतर देखी गई. रिपोर्ट में बताया गया कि ऑफिस आने वाले करीब 80 फीसदी कर्मचारियों को लगा कि उनकी प्रोडक्टिविटी पहले से बढ़ी है. दूसरी तरफ कई कंपनियां अब भी वर्क फ्रॉम होम को फायदेमंद मानती हैं, क्योंकि इससे ऑपरेशन लागत कम होती है और कर्मचारियों को सुविधा भी मिलती है. सरकार का बड़ा फैसला, बिना बैंक गारंटी के लगेगा 1 किलोवाट का सोलर सिस्टम, नियमों में बड़ी ढील सर्वे में वर्क फ्रॉम होम निकला जायदा तनावपूर्ण सर्वे में सामने आया कि लंबे समय तक घर से काम करने वाले कई कर्मचारियों को ज्यादा तनाव और काम के दबाव का सामना करना पड़ा. करीब 70 फीसदी कर्मचारियों ने माना कि वर्क फ्रॉम होम के दौरान उन पर काम का बोझ बढ़ा और मानसिक दबाव भी ज्यादा महसूस हुआ. इसके अलावा कई लोग अपनी नौकरी से पूरी तरह संतुष्ट भी नजर नहीं आए. रिपोर्ट के मुताबिक ऑफिस से काम करने वाले 68 फीसदी कर्मचारियों ने अपनी नौकरी को लेकर संतुष्टि जताई, जबकि घर से काम करने वाले 66 फीसदी लोगों ने ही इसे बेहतर बताया. सर्वे में यह भी सामने आया कि ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी अपने सहकर्मियों और टीम के साथ ज्यादा जुड़ाव महसूस करते हैं. करीब 83 फीसदी ऑफिस कर्मचारियों ने कहा कि उनके सहकर्मियों के साथ संबंध बेहतर हुए हैं, जबकि वर्क फ्रॉम होम करने वालों में यह आंकड़ा 69 फीसदी रहा. घर से काम करने वाले बदलना चाहते हैं नौकरी वर्क फ्रॉम होम करने वाले कर्मचारियों में नौकरी को लेकर असंतोष ज्यादा देखा गया. ऐसे कई कर्मचारी बार-बार नौकरी बदलने की इच्छा जताते रहे. सर्वे के अनुसार घर से काम करने वाले करीब 64 फीसदी कर्मचारी अपनी नौकरी बदलना चाहते हैं, जबकि ऑफिस से काम करने वाले कर्मचारियों में यह आंकड़ा लगभग 52 फीसदी पाया गया. इससे यह संकेत मिलता है कि घर से काम करने वाले कर्मचारियों में संतुष्टि का स्तर अपेक्षाकृत कम रहा. कंपनियों ने माना वर्क फ्रॉम होम को बेहतर विकल्प प्रवीण दुबे (फाउंडर, वेबक्लीक्स) के अनुसार, भले ही हाल के समय में ऑफिस आने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ी है, लेकिन आईटी सेक्टर में वर्क फ्रॉम होम अब भी एक बेहतर मॉडल माना जाता है. उनका कहना है कि घर से काम करने पर उत्पादकता बढ़ती है और कंपनियों का ऑफिस खर्च भी कम होता है.उन्होंने यह भी बताया कि वर्क फ्रॉम होम में कर्मचारियों का समय बचता है, ट्रैफिक की परेशानी नहीं होती और मानसिक तनाव भी कम रहता है. साथ ही कंपनियों को बेहतर स्किल वाले कर्मचारी भी आसानी से मिलते हैं. उनके अनुसार, घर से काम करने में समय की ज्यादा स्वतंत्रता और लचीलापन मिलता है, जिससे कर्मचारी अपने काम और समय को बेहतर तरीके से मैनेज कर पाते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार बेहतर कार्य वातावरण बना सकते हैं, जिससे उत्पादकता और बढ़ती है. 3 महीने में लगवाएं पाइप वाली गैस, वरना कट जाएगा एलपीजी सिलेंडर का कनेक्शन, आदेश जारी वर्क फ्रॉम होम पर विशेषज्ञों की राय वर्क फ्रॉम होम पर कई विशेषज्ञों ने राय दी है. ऑफिस से काम करने पर एक प्रोफेशनल माहौल मिलता है, जहां घर जैसी डिस्टर्बेंस नहीं होती. ऑफिस में आमने-सामने बातचीत, तेज कम्युनिकेशन, जल्दी फैसले लेने और टीम के साथ ब्रेनस्टॉर्मिंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं, जिससे काम ज्यादा प्रभावी और समय की बचत के साथ पूरा होता है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस दोनों के अपने-अपने फायदे हैं, लेकिन घर से काम करने में मानवीय जुड़ाव की कमी महसूस होती है. WFH में इमोशनल कनेक्शन, सोशल इंटरैक्शन और मनोरंजन कम हो जाता है, जिससे कई कर्मचारी अकेलापन और असंतोष महसूस कर सकते हैं.
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