Video: गाड़ियां साफ करने से कोचिंग किंग बनने तक! जानिए दिल्ली के खान सर की संघर्ष गाथा
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Success Story Of Delhi Khan Sir Manoj Garg: दिल्ली में बिना किसी यूनिवर्सिटी पोस्ट के भी एक टीचर इतना बड़ा नाम बन चुका है कि DU के स्टूडेंट अपने प्रोफेसरों से ज्यादा उसे जानते हैं. यह कहानी है मनोज गर्ग की. जिनका कोचिंग ब्रांड पीएमजी (पूरन मनोज गर्ग) आज राजधानी के टॉप संस्थानों में गिना जाता है. 9 साल की उम्र में पिता को खोने के बाद मनोज ने नानी के घर से संघर्ष शुरू किया. सुबह गाड़ियां साफ करना, गत्ता फैक्ट्री में नौकरी, भीड़भरी बस में बिना टिकट सफर, और स्कूल के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर घर चलाना. दिल्ली यूनिवर्सिटी से B.Com (Hons) करते हुए उन्होंने पढ़ाने को ही अपना जुनून बना लिया. 2006 में बहन की शादी की टेंशन के बीच कोचिंग में 9वीं-10वीं की मैथमेटिक्स से शुरुआत हुई. इसके बाद 2009 में बड़े संस्थान से लाखों की सैलरी वाला ऑफर टर्निंग प्वाइंट बन गया. आज उनके पढ़ाए बच्चे IAS, IPS, IRS हैं. एक स्टूडेंट वर्ल्ड बैंक में है और DU के 23 कॉलेजों में उनके स्टूडेंट असिस्टेंट प्रोफेसर हैं. मनोज के मुताबिक लगातार मेहनत ही किस्मत बदलती है.
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