'दत्त साहब होते तो' बुलडोजर एक्शन के बाद सुनील दत्त की याद में इमोशनल हुए लोग, नेताओं पर उठाए सवाल- वोट के वक्त
3 weeks ago
सुनील दत्त जब तक जिंदा रहे, तब तक गरीबों के मसीहा बनकर रहे. उन्होंने मुंबई के बांद्रा के गरीब नगर को मिटने नहीं दिया, मगर अब उस पर बुलडोजर चला, तो पुराने बाशिंदों को सुनील दत्त जैसी शख्सियत की कमी महसूस हुई. उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में गरीबों के हक और झुग्गियों की सुरक्षा के लिए कई बार कानूनी और सामाजिक लड़ाइयां लड़ी थीं. ताजा कार्रवाई में बेघर हो रहे लोगों का मानना है कि यदि सुनील दत्त आज जीवित होते, तो वे ढाल बनकर खड़े रहते. हालांकि, उन पर अतिक्रमण को बढ़ावा देने के आरोप भी लगे, जिससे मिडिल क्लास उनसे नाराज हुए. आज जब बुलडोजर चल रहे हैं, तो लोग खुद को अकेला महसूस कर रहे हैं.
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