BSNL की एक गलती और बैंक से 87 लाख उड़ा ले गए ठग, आपके साथ भी हो सकता है ऐसा, कैसे करें बचाव?
8 hours ago
SIM Swap Fraud: अगर आपको लगता है कि सिम खोने या फिर डुप्लीकेट सिम निकलने का नुकसान केवल आम लोगों को होता है तो यह मामला आपकी सोच बदल देगा. कर्नाटक में एक सहकारी बैंक को BSNL की कथित लापरवाही की वजह से 87 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ा, जिसके बाद अब इस मामले में कर्नाटक हाईकार्ट ने BSNL को बैंक को 55 लाख रुपये से ज्यादा का मुआवजा और 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देने का आदेश दिया है. क्या है पूरा मामला? बता दें कि यह मामला श्री बसवेश्वर पट्टाना सहकारी बैंक नियमित का है. बैंक का एक चालू अकाउंट केनरा बैंक में था, जो इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ा हुआ था. अकाउंट से होने वाले लेन-देन के OTP बैंक के रजिस्टर्ड BSNL मोबाइल नंबर पर आते थे. फरवरी 2019 में बैंक के अकाउंट से 7 ट्रांजैक्शन के जरिए टोटल 87.7 लाख रुपये निकाल लिए गए. लोन लेने का है प्लान? SBI, PNB और HDFC समेत देश के बड़े बैंकों की लेटेस्ट ब्याज दरें जानें जांच में पता चला कि बेंगलुरु स्थित BSNL कार्यालय से किसी अज्ञात व्यक्ति ने बैंक की जानकारी या परमिशन के बिना उसी नंबर का डुप्लीकेट सिम जारी करवा लिया था. इसके बाद असली सिम बंद हो गया और ठगों ने OTP हासिल कर अकाउंट से पैसे ट्रांसफर कर लिए , लेकिन पुलिस ने बाद में लगभग 37 लाख रुपये रिकवर कर लिए थे, लेकिन बैंक को करीब 50.5 लाख रुपये का नुकसान हुआ. BSNL को हाईकार्ट ने ठहराया जिम्मेदार बैंक ने केनरा बैंक और BSNL को कानूनी नोटिस भेजने के बाद मामला स्थायी लोक अदालत में उठाया था. वहां BSNL को लापरवाह माना गया, लेकिन केवल 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया. इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा. अदालत ने कहा कि जब कोई मोबाइल नंबर OTP आधारित बैंकिंग से जुड़ा हो, तब टेलीकॉम कंपनी की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. ग्राहक की जानकारी और अनुमति के बिना डुप्लीकेट सिम जारी करना गंभीर लापरवाही है. बीमा मिलने से खत्म नहीं होती जिम्मेदारी इसके बाद BSNL ने अदालत में दलील दी कि बैंक को बीमा कंपनी से मुआवजा मिल चुका है, इसलिए उसे अतिरिक्त भुगतान नहीं करना चाहिए, लेकिन हाईकार्ट ने इस तर्क को खारिज कर दिया. अदालत ने कहा कि बीमा का पैसा मिलने से गलती करने वाले पक्ष की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती है. इसके बाद कोर्ट ने BSNL को 50.5 लाख रुपये के नुकसान की भरपाई, 5 लाख रुपये अतिरिक्त हर्जाना और धोखाधड़ी की तारीक से 9 प्रतिशत सालाना ब्याज देने का आदेश दिया. हवाई जहाज और ट्रक के बाद अब मालगाड़ी भी किराये पर मिलेगी, भारत में शुरू हुई नई सुविधा क्या होता है SIM Swap Fraud? अगर बात करें सिम स्वैप फ्रॉड की तो यह एक ऐसा साइबर फ्रॉड है, जिसमें ठग आपका मोबाइल नंबर अपने कंट्रोल में ले लेता है. वह टेलीकॉम कंपनी को झांसा देकर आपके नंबर का नया सिम जारी करवा लेते हैं. फिर जैसे ही नंबर उनके पास पहुंचता है वह बैंक और अन्य सेवाओं से आने वाले OTP भी उन्हें मिल जाते हैं. इसके बाद वह पासवर्ड रीसेट कर सकते हैं और आपका अकाउंट से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं. इसी के साथ ही वह किसी भी तरह का स्कैम कर सकते हैं. इसलिए इनसे बचाव करना काफी जरूरी है. इससे कैसे करें बचाव? अगर आपका मोबाइल नेटवर्क अचानक बंद हो जाता है तो तुंरत टेलीकॉम कंपनी से संपर्क करें. साथ ही किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना OTP शेयर न करें. अगर बैंक अकाउंट में संदिग्ध गातिविधि दिखे तो तुंरत अपने बैंक को जानकारी दें. ध्यान दें, मोबाइल नंबर और बैंकिंग सेवाओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें.
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